बागपत। अतिशय क्षेत्र सरूरपुर कलां में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर महामंडल विधान एवं दीपार्चना के अंतर्गत 44वें दिन सर्वप्रथम श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा, श्री भक्तामर महामंडल विधान किया। वासु भगवान की पूजा अर्चना की गई। सरूरपुर का मंदिर प्राचीन अतिशयकारी एवं अनेकों रहस्य से युक्त है। विधान अमित जैन मनोहर लाल ने कराया।