दोघट (बागपत)। जैन संत सुंदर मुनि महाराज ने कहा कि अपनी जन्मभूमि को कभी नहीं भूलना चाहिए। जन्मभूमि की खुशबू ही मनुष्य जीवन में खुशियां देती है।
जैन छतरी पर आयोजित द्वितीय जैन महासम्मेलन में सुंदर मुनि महाराज ने कहा कि मनुष्य को बुरे कर्मों से दूर रहकर उत्तम कर्म करने चाहिए। अच्छे कर्म ही मनुष्य को महान बनाते हैं। कर्मों से ही मनुष्य की पहचान बनती है। मनुष्य को उन्नति के मार्ग पर चलने के लिए अपने जीवन को नशाखोरी जैसे दुर्गुणों से दूर रखना होगा। जीवों पर दया करनी चाहिए, कन्या भ्रूण हत्या जैसे पाप से मनुष्य को बचना चाहिए। जीवन में गुरु को उच्च दर्जा देकर उसका सदैव ही सम्मान करें क्योंकि गुरु ही शिष्य के जीवन को महान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके आदर्शों पर चलने वाले इंसान सदा ही खुशहाली का जीवन जीता है। उन्होंने कहा कि जीवों पर दया करो न कि उनका भक्षण करें। इस मौके पर लोकेंद्र ठेकेदार, गोपी चंद जैन, मोहनलाल जैन, प्रदीप जैन, त्रिलोक जैन, राकेश जैन, मनोज जैन, विनोद गुप्ता, मोहित जैन, कमल जैन, अजय जैन, रमेश जैन, नितिन जैन आदि मौजूद रहे।