दोघट (बागपत)। सनातन वैदिक आश्रम, दाहा में एक माह से चल रहे ऋग्वेद खंड पारायण महायज्ञ का मकर संक्रांति पर पूर्ण आहुति के साथ समापन हुआ।
आचार्य सत्यदेव ने कहा कि सूर्य मकर राशि के 12 माह में छह महीने उत्तरायण काल के होते हैं। इसमें पृथ्वी पर सूर्य का प्रकाश और ऊर्जा बहुत मात्रा में प्राप्त होती हैं। मकर संक्रांति पर मनुष्य को यज्ञ, तप, दान आदि श्रेष्ठ कर्म कर अपनी आत्मा की उन्नति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए और अन्य आध्यात्मिक, वैज्ञानिक, योग शक्तियों को अपने अंदर समावेश करके मनुष्य से देवत्व को प्राप्त करना चाहिए। मकर संक्रांति का त्योहार प्रकाश का त्योहार है। यज्ञ मान विवेक राणा सपत्नी रहे। इसमें सतेंद्र विश्वकर्मा भड़ल, देवेंद्र आर्य, मिंटू सहरावत, गौरव राणा, सुबोध ब्रह्मचारी, कपिल शास्त्री आदि उपस्थित रहे।