बागपत। बड़ौत जिला सहकारी बैंक प्रबंधक के खिलाफ चार सहकारी समितियां लामबंद हो गई है। संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक मेरठ मंडल से मिले। प्रबंधक द्वारा किसानों के साथ अभद्रता और नियम विरुद्ध कार्य करने का आरोप लगाया। उन्होंने किसानों को जबरन भूमि के बंधक बनाकर ऋण देने पर आमादा है। जबकि एक लाख रुपये तक के ऋण में भूमि बंधक नहीं की जाती थी। कोई इसका विरोध करता है तो उसके साथ अभद्रता की जाती है। किसान अपने खाते बंद कराने को मजबूर हैं। इससे बैंक और समिति के व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आरोप है कि लुहारी, कोताना, खेड़ी प्रधान, जागोस, शबगा, मांडी के कृषकों को स्पष्ट रूप से ऋण देने से मना कर दिया है। हिस्सा प्रमाण पत्र को भी गलत बताती है। चेतावनी दी प्रबंधक का ट्रांसफर नहीं किया तो समिति के संचालन मंडल सामूहिक रूप से इस्तीफा देते हुए आमरण अनशन करने को मजबूर होंगे। बड़ौत के सभापति कृष्णपाल, बिजरौल के रविंद्र तोमर, हिलवाड़ी के शिमला, शबगा के योगेश सिंह पंवार, ऋषिपाल ने ज्ञापन सौंपा।