बड़ौत (बागपत)। रमेश मुनि ने कहा कि जहां प्रेम होता है, वहां सम्मान होता है। प्रेम आत्मिक गुण है। प्रेम के अभाव में तनाव रहता है। जैन स्थानक मंडी में धर्म सभा में उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म क्रिया प्रेम के अभाव में सफल नहीं हो सकती। अगर हमारे परिवार में प्रेम भाव है तो गरीबी, दरिद्रता, धन का अभाव हमें परेशान नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि हमें समाज में प्रेम भाव की प्रेरणा देनी चाहिए। प्रेमी आदमी हमेशा खुश रहता है। चाहे व्यक्ति गरीबी में जीवन जी रहा हो। प्रेम नहीं तो आनंद नहीं आता है। प्रेम भाव से समाज की सेवा में तत्पर रहने वाला ही प्रेमी कहलाता है। धर्म सभा में सुरेश जैन, हेमचंद जैन, गौरव जैन, राकेश जैन, कालू जैन, रमेश वर्मा, विजय जैन, डीके जैन, मेघा जैन, अनिल जैन आदि मौजूद रहे।