बड़ौत (बागपत)।
आर्य समाज बड़ौत के तत्वावधान में चल रहे वेद प्रचार सप्ताह के छठे दिन कोताना रोड पट्टी चौधरान में यज्ञ किए गए।
कोताना रोड पर उदयवीर दांगी व पट्टी चौधरान में फूल सिंह व विजयपाल सिंह के निवास पर यज्ञ हुए। दोनों यज्ञों में यज्ञमान सपत्नीक बने। ब्रहा पद से बोलते हुए आचार्य संजय ने कहा कि जैसे किसान खेत में बीज बोकर उससे कई गुना अधिक अनाज अधिक प्राप्त करता है वैसे ही हम यज्ञ में जो त्याग भाव से चढ़ाते हैं इसका कई गुना बढ़कर हमें प्राप्त हो जाता है। भूखे को भोजन कराना पुण्य का कर्म है। प्यासे को पानी पिलाना भी पुनीत कार्य है। उन्होंने कहा कि आर्य समाज का मुख्य कार्य अज्ञानता, पाखंड व अंधविश्वास को दूर भगाना, बिना वेद मार्ग को अपनाए हमारे जीवन का कल्याण संभव नहीं है। क्योंकि, वेद शब्द का अर्थ ही ज्ञान है और संसार में सब दुखों का मूल कारण अज्ञान या भ्रम ज्ञान है। इस अवसर पर आचार्य समरभानु ने भी विचार रखे। चरण सिंह, श्रीपाल आर्य ने भजनों की प्रस्तुति की। डॉ. ओमवीर सिंह पीतम सिंह वर्मा, अशोक कुमार, ओमप्रकाश आर्य, इकबाल मलिक, मास्टर सुरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश दांगी, राजवीर सूबेदार, उदयवीर, जयप्रकाश, सोहनपाल सिंह, धर्मपाल, महेंद्र देवी, कीर्ति तोमर, मंजू, शुभम तोमर आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।