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Baghpat News: कबाड़ खत्म करने के लिए कबाड़ में डाले 26 करोड़ रुपये

Fri, 04 Apr 2025 12:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
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पड़ताल की खबर से संबं​धित फोटो। गल्हैता गांव में झाड़ियों के बीच अटा कूड़ा प्रबंधक केंद्र। संवा
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बागपत। स्वच्छता ही सेवा है...यहां 222 गांवों में बनाए गए कूड़ा प्रबंधन केंद्र की दीवारों पर लिखा यह स्लोगन चिढ़ा रहा है। क्योंकि स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 26 करोड़ रुपये से बने इन कूड़ा प्रबंधन केंद्रों में कहीं झाड़ियां खड़ी हैं तो कुछ बनते ही टूटने लगे। हालत यह है कि केंद्रों के खुद कबाड़ बनने से गांवों में हर तरफ कबाड़ बिखरा हुआ है। nकेंद्र के चारों तरफ झाड़ियां खड़ीं तो अंदर शराब की बोतलें पड़ीं : नैथला गांव में बना कूड़ा प्रबंधन केंद्र के चारों तरफ झाड़ियां खड़ी हुई हैं। वहां अंदर गीला या सूखा कूड़ा पड़ा होने की जगह शराब की खाली बोतलें और प्लास्टिक के गिलास पड़े मिले। वहीं गांव में मुख्य सड़क किनारे कबाड़ का ढेर लगा हुआ है। nगल्हैता में कूड़ा प्रबंधन केंद्र में आजतक कोई नहीं गया : गल्हैता गांव के कूड़ा प्रबंधन केंद्र का हाल भी खराब है। हर तरफ झाड़ियां खड़ी हैं और वहां जहरीले जीव घूमते रहते हैं। इनके डर के कारण लोग वहां तक जाने से डरते हैं और आजतक कोई वहां नहीं गया। महीनों से खाली पड़ा केंद्र अब खुद ही कबाड़ बनने लगा है। nबनते ही टूट गया केंद्र का दरवाजा : खट्टा प्रहलादपुर गांव में भी लाखों रुपये से कूड़ा प्रबंधन केंद्र बनवाया गया। मगर, इसका न ग्रामीणों को फायदा है और न ग्राम पंचायत को। इसका निर्माण होते ही गेट टूटकर गिरने से भ्रष्टाचार की पोल खुलते देर नहीं लगी। एक दिन भी इसमें कूड़ा नहीं पहुंचा है। nश्मशान की जमीन में बनवा दिया कूड़ा प्रबंधन केंद्र : पाबला बेगमाबाद में कूड़ा प्रबंधन केंद्र के नाम पर ऐसा भद्दा मजाक देखने को मिला कि श्मशान की जमीन पर उसका निर्माण करा दिया। इससे लोगों की भावना आहत हुई तथा भ्रष्टाचार का आरोप लगा शिकायत की। एक तरफ जांच चल रही हैं और दूसरी तरफ केंद्र खुद ही टूटने लगा।
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