अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। मौलवी हाजी जहीर अहमद ने कहा रमजान का महीना वो मुबारक माह है, जिसमें कुरान-ए-पाक नाजिल किया , जो लोगों की रहनुमा है और इसमें हिदायत के साफ-साफ हुक्म है। इस माह में रोजे जरूर रखने चाहिए, जो इंसान मरीज हो या सफर में हो, वह बाद में उस रोजे को रख सकता है। अल्लाह ताला अपने बंदे के लिए आसानी चाहता है, सख्ती नहीं है। जिसने शुरू से आखिर तक रमजान के रोजे रखे वो अपने तमाम पिछले गुनाहों से पाक और साफ हो जाता है। जैसा कि एक बच्चा अपनी पैदाइश के वक्त मासूम और बेगुनाह होता है। रमजान माह में जितनी खैरात और सदका हो सके और जितनी तौबा की जा सके की जाए। रमजान मुबाकर माह में नमाज पढ़ने वालों की मस्जिदों में भीड़ उमड़ रही है।