अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। कस्बे के पूर्व चेयरमैन प्रमोद कुमार गुप्ता का कहना है कि समाज के सहयोग से पंचायत अध्यक्ष बने थे। दोबारा चुनाव लड़ने का मन नहीं हुआ। उनका मानना है कि राजनीति में सबको अवसर मिलना चाहिए। एक या दो बार ही चुनाव लड़ने का विकल्प रखा जाना चाहिए। इस परिवर्तन से विकास की उम्मीद बंधेंगी और मतदाताओं को नए विकल्प मिलेंगे। कसबे के ईंट भट्टा व्यवसायी गुप्ता का कहना है कि उन्हें जनता ने वर्ष 2000 में चुनाव जिताया, वह जितना कार्य कसबे के लिए कर सकते थे किया, फिर कभी चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं हुई। परिवार में भी कभी दोबारा चुनाव लड़ने पर चर्चा नहीं की गई। वह कहते हैं कि पिछले करीब डेढ़ दशक में राजनीति की तस्वीर बदल रही है। चुनाव अधिक खर्चीले हो गए हैं। मतदाता का मिजाज पढ़ना भी अब इतना आसान नहीं है। पहले वोटर सामाजिक पंचायतों के फैसले अधिक मानते थे, लेकिन अब इसकी छाप कम होने लगी है।