बागपत। बाल अधिकार संरक्षण कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने डीएम को शिकायत की। बताया कि बाल श्रम उन्मूलन पर चयनित किए गए अधिकारियों ने कोई कार्य नहीं किया गया है। 1998 में शासन से जारी आदेश में सभी एसडीएम, बीएसए, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बीडीओ, एडीओ को निरीक्षक नियुक्त किया। जो जिले में कभी भी कहीं भी निरीक्षण कर बाल श्रम पर रोक लगा सकते हैं। जनपद में आदेश पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। तिवारी ने बताया कि 2016 में मुख्य सचिव ने भी शासनादेश जारी कर प्रत्येक तीन माह पर बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाकर बाल श्रमिकों को मुक्त कराने के निर्देश दिए। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की। आरटीआई से जो निर्धारित किए अधिकारियों से इस संबंध में सूचना मांगी । इसमें खेकड़ा और छपरौली बीडीओ ने सूचना दी अभियान नहीं चलाया। खंड शिक्षा अधिकारी खेकड़ा ने बताया कोई बाल श्रम नहीं होता है। अन्य अधिकारियों ने कोई सूचना नहीं है। उन्होंने डीएम से इस संबंध में कार्रवाई करने की मांग की। ब्यूरो