छपरौली (बागपत)। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत विद्युत निगम से सूचना मांगी । उन्होंने बताया कि जिला विकास अधिकारी की अध्यक्षता में समिति ने रिपोर्ट दी, इसमें उसने कहा कि तत्कालीन अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड बागपत द्वारा मनमाने ढंग से जनपद के लगभग 22 हजार विद्युत उपभोक्ताओं के विद्युत भार बिना कोई ठोस तकनीकी परीक्षण के बढ़ाए गए हैं। जो औचित्यपूर्ण नहीं है, इस संबंध में पुनर्विचार की आवश्यकता है। जांच आख्या में बताया कि एक किसान ने अपने नलकूप पर पांच हार्स पावर का मोटर लगाया, परंतु विद्युत निगम 12 हार्स पावर स्वीकृत कराने पर अडिग है। सहायक अभियंता मीटर ने विद्युत प्रयोगशाला बड़ौत से मोटर का भार चेक किया तो पहले उसे 12 हार्स पावर बताया । जबकि एक घंटे के बाद दोबारा चेक करने पर उसका भार आठ हार्स पावर पाया । जो जांच प्रक्रिया को संदेह के दायरे में लाता है। टीम में जिला विकास अधिकारी के अलावा खंड विकास अधिकारी बागपत, सहायक अभियंता मीटर विद्युत प्रयोगशाला बड़ौत एवं अवर अभियंता लघु सिंचाई बागपत शामिल रहे।