दोघट (बागपत)।
मौजिजाबाद नांगल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ। इस दौरान कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
कथा वाचक साध्वी नीरज शर्मा ने कहा कि सुदामा जैसे परम भक्त और मित्र पर भगवान की विशेष कृपा हुई। सुदामा ने भगवान को बहुत ही तप और कष्टों से पाया। भक्ति के मार्ग पर निर्मल मन, शुद्ध विचार और शुद्ध आहार बहुत आवश्यक है। परमात्मा से प्रेम करना ही भक्ति है। भगवान भावों में डूब जाते है। सुदामा के भाव रूपी चावल का भोग भगवान लगाते है। आज के समय में अंध विश्वास से बचने की बहुत आवश्यकता है। भागवत कथा बुराइयों का अंत करने वाली है। परीक्षित राजा इसी कथा को सुनकर के मोक्ष को प्राप्त हुए। मंगलवार को गांव में भंडारा होगा। इस मौके पर अभय राम, नीरज, वीरेंद्र, सुनील कुमार, प्रवीण आदि रहे।