अमीनगर सराय (बागपत)। कस्बे के धर्म सम्राट स्वामी करपात्री के परम शिष्य यज्ञ सम्राट वीरव्रती प्रबल महाराज का शिवलोक गमन हो गया है। कस्बे में जन्मे नरेंद्र शर्मा किशोरावस्था में अपने परिवार को त्यागकर ब्रह्मचारी बन गए थे। धर्म सम्राट स्वामी करपात्री के परम शिष्य बने। स्वामी करपात्री के शिवलोक गमन के बाद धर्मसंघ का कार्यभार संभाला और पूरे भारत वर्ष में यज्ञ सम्राट वीरव्रती प्रबल महाराज के नाम से ख्याति प्राप्त की। हर तीर्थ स्थान पर आश्रम व संस्कृत महाविद्यालयों की स्थापना की। मुंबई के लोनावाला स्थित आश्रम कुटिया में प्रवास कर रहे थे। कस्बा सराय से राजेंद्रपाल शर्मा, रामेंद्रपाल शर्मा, ईश्वर दयाल शर्मा, अनिल शर्मा, सुशील, सुनील, ललित शर्मा परिजन और मित्र बनारस दर्शन करने पहुंचे, वहां बैंडबाजों के साथ अंतिम यात्रा निकाली। तत्पश्चात अंतिम संस्कार किया।