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पर्वो की आराधना करने वालें धन्य होते है- अरूण मुनि 16-15-16

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बड़ौत (बागपत)।
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जैन संत अरुण मुनि ने कहा पाप कर्मों की कगलिमा को हटा देते है पर्युषण पर्व। इन पर्वों की आराधना करने वाले धन्य होते हैं।
बुधवार को जैन स्थानक शहर में पर्युषण पर्व में पांचवें दिन आयोजित धर्मसभा में उन्होंने कहा मनुष्य की आत्मा पर लगी पाप कर्मों की कगलिमा को हटा देते है पर्युषण पर्व। उन्होंने कहा पाप कार्यों का मन भी परिवर्तित करके धर्म मार्ग पर लगा देते है। उन्होंने कहा जीवन में किसी प्रकार की भूल या कोई अतिचार पाप लग गया हो धर्म की आराधना करने से वह भी धुल जाते हैं। उन्होंने कहा जिस प्रकार चिकित्सक शल्य क्रिया ऑपरेशन करके बीमारी का निदान कर देते है। उन्होंने कहा सवंत्सरि पर्व भी एक प्रकार की शल्य क्रिया है जो शरीर को सभी बीमारियों से निजात दिला देते हैं। उन्होंने कहा बड़े-बड़े प्रयोग करके हमें अपना आत्म मंथन करना है। हम कहां है, कहां से आए हैं और कहां पर जाएंगे। क्षमा पूर्व इन आठ दिन के पर्व का सार होता है। इस पर्व की आराधना से जीवन में शांति मिलती है। इससे पूर्व धर्मसभा को अमन मुनि ने भी संबोधित किया। इसमें जय प्रकाश जैन, सुधीर जैन, डीके जैन, नवनीत जैन, अजय कुमार, मोहित जैन, हंस कुमार, दीपक जैन, शैलबाला, इंद्राणी, कमलेश, गीता, सविता, पूनम आदि रहे।
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