दोघट (बागपत)।
सरस्वती ज्ञान मंदिर, आजमपुर मुलसम में अर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती धूमधाम से मनाई। इस दौरान यज्ञ में आहुतियां दी।
यज्ञ के ब्रह्मा स्वामी सत्यवेश महाराज ने बताया कि अच्छे संस्कार ही भविष्य की नींव है। हमें बड़ों को हाथ जोड़कर नमस्ते करनी चाहिए। बच्चों को टीवी व मोबाइल से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती का वास्तविक नाम मूल शंकर था। वेदों की ओर लौटो का नारा दिया। अंधविश्वास को दूर भगाया। यज्ञ वेदी पर मंत्रोच्चारण ब्रह्मचारी आर्य ने किया। आचार्य आनंद बैंसला ने मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। देश भक्ति गीत प्रस्तुत कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसमें यजमान पुष्पेंद्र शर्मा सपत्नी रहे। इसमें राधा कृष्ण, प्रमोद आर्य, अजय शर्मा, अनुज, गुंजन शर्मा, प्रदीप, ब्रजपाल, राखी, वीरेंद्र, गुरमीत, कपिल आदि उपस्थित रहे।