बड़ौत (बागपत)।
कथा व्यास स्तुति बहन ने राम विवाह के पश्चात सीता जी की विदाई की कथा सुनाई। इससे सभी श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
शनिवार को ग्रौवेल पब्लिक स्कूल खत्री गढ़ी में श्रीराम चरित मानस प्रचार समिति के तत्वावधान में चल रही श्रीराम कथा में कथा व्यास ने कहा कि बेटी का जन्म होते ही आज हर परिवार में मातम जैसा छा जाता है। कहने को तो कोई कुछ भी कहें। चाहें जितनी सुविधाएं सरकार देने का आह्वान करें लेकिन जमीनी स्तर पर सब शून्य है। ईमानदार एवं स्वाभिमानी व्यक्ति हमेशा से कुचले जा रहे हैं। जिस घर में चार बेटी हो जाती है उस परिवार के मुखिया को हमेशा से सिर झुकाने की आदत पड़ जाती है। पिता बेटी का विवाह करता है। दान-दहेज देता है अपने खाने को भले ही कुछ ना मिले, लेकिन कर्ज लेकर पूर्ति करता है। फिर भी यह सुनाई पड़ता है कि बेटी को दहेज के लिए जलाकर मार दिया। जिस घर में बेटी होती है उसके आसपास के लोग भी बेटी को बेटी जैसा न मानकर दुराचार की भावना से ग्रेसित होकर कुछ करने को आमादा होते है। उन्होंनेे राम वनवास की कथा का भी श्रवण कराया। इसमें कैकेई के द्वारा मांगे वरदान से श्रीराम जी को 14 वर्ष का वनवास हुआ। इसमें बाबूराम शर्मा, विजय प्रकाश मल्होत्रा, महीपाल चौहान, राजेश गुप्ता, पंडित नंदलाल, हिमांशु अग्रवाल, प्रीत गोयल, विनोद, राम अवतार मित्तल, सुरेंद्र कुच्छल, विनोद, लक्ष्मण दास, हंसराज गुप्ता, प्रवीण गुप्ता आदि रहे।