साहित्य के उद्देश्य पर किया मंथन
बड़ौत (बागपत)। जैन स्थानकवासी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में सोमवार को अतिथि व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
हिंदी विभाग में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. अनीता जैन, डॉ. प्रवित्रा खत्री ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर जेवी कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. साधना तोमर ने हिंदी साहित्य के आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक की विभिन्न विधाओं के उद्भव और विकास के बारे मेें जानकारी दी। इसके बाद कवि जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत, सूर्यकांत त्रिपाठी, निराला और महादेवी वर्मा की विभिन्न रचनाओं के बारे मेें छात्राओं को बताया। प्राचार्य डॉ. अनीता जैन और डॉ. प्रवित्रा खत्री ने बताया कि प्रत्येक साहित्य मेें कोई न कोई संदेश होता है। समाज का मार्गदर्शन करना ही साहित्य की कृतियों में आत्म अभिव्यक्ति, व्यक्तिगत चेतना, नारी सौंदर्य, प्रेम का चित्रण, प्रकृति, राष्ट्र जागरण भावना, रहस्यवाद और अध्यात्मवाद के दर्शन होते है। संचालन डॉ. प्रवित्रा खत्री ने किया। इसमें डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. वंदना जैन, नाजिश, श्रुति, अक्षत का योगदान रहा।