दाहा। इफकों की ओर से बड़ौत के एक फार्म हाउस में किसान सहकार सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमें कृषकों को कृषि के संबंध में विभिन्न जानकारियां दी गई। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे इफको के निदेशक चौधरी शीशपाल सिंह ने कहा कि मोटे दाना वाला यूरिया और नीम लोपिक यूरिया फसल में ल ंबे समय तक उपयोग होता है। इससे उत्पादकता बढ़ती है। जैव उर्वरकों के प्रयोग से कम खर्च पर अधिक उतपादन प्राप्त होती है। इसमें किसी भी तरह का रसायन नहीं होता है। फास्फोरस का घोल फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में सहायता करता है। इफको द्वारा कृषि रसायन एवं कीट नाशकों की उपलब्धता भी सहकारी संस्थाओं के माध्यम से की जाती है। उर्वरकों एवं रसायनों के साथ-साथ मुफ्त में किसान का दुर्घटना बीमा किया जाता है। गन्ने एवं गेहूं में प्रयोग आने वाले कृषि रसायनों की उपयोगिता एवं प्रयोग विधि पर बल दिया गया। गन्ना समिति के चेयरमैन कृष्णपाल, पूर्व चेयरमैन धर्मवीर सिंह, चंद्रप्रकाश, धर्मपाल सिंघल, यतेंद्र तेवतिया, इफको प्रबंधक डॉ. ब्रजपाल सिंह, राजीव राणा, कम्रवीर, रमेश चौहान, संजय, एमपी गुप्ता, अतरपाल, योगेंद्र राणा, संजीव राणा मौजूद रहे।