बड़ौत (बागपत)। किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने तहसील पहुंचकर किसानों से संबंधित समस्याओं से युक्त मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें बताया कि जनपद में मुख्य फसल गन्ना है तथा गन्ने की पेराई सरकारी नियंत्रण में चीनी मिल करती हैं। कानून के अनुसार मिलों को गन्ने का भुगतान 14 दिन में करना चाहिए। लेकिन मलकपुर मिल द्वारा अभी तक गन्ने का भुगतान नहीं किया गया है। वहीं किसान कार्ड रिन्यू नहीं कराए जा रहे है। बैंक किसानों से 4 प्रतिशत ब्याज के स्थान पर 13 प्रतिशत ब्याज वसूल रहे हैं। ऊर्जा निगम के अधिकारी समाधान योजना के नाम पर बिना हिसाब किताब के अंधाधुंध वसूली करने का प्रयास कर रहे हैं। वे जिस दर पर बिल वसूल कर रहे हैं। वह उस पूरी सालाना का एक चार्ट बाहर लगाया जाए। जब तक सरकार गन्ने का बकाया भुगतान ब्याज सहित नहीं करा देती तब तक नहीं किसी भी प्रकार का सरकारी देय नहीं दे पाएंगे। आवारा पशु क्षेत्रों में उनकी गेहूं की फसल नष्ट कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं होती तो वे 25 फरवरी को तहसील में पंचायत कर अपनी समस्याओं को लेकर धरना देंगे। ज्ञापन देने वालों में ब्रजपाल सिंह, बलजीत सिंह आर्य, ओमपाल सिंह, विक्रम आर्य, सोमपाल सिंह राठी, भीम सिंह तोमर, विपिन, राजपाल, रामफल आदि शामिल थे।