बागपत। डीडीओ ने बिनौली विकास खंड में तैनात ग्राम सचिवों को नोटिस जारी कर ब्लॉक में वर्ष 2016-17 में मनरेगा में हुए विकास कार्यों के अभिलेख मांगे।
मनरेगा योजना से बिनौली ब्लॉक में 2016-17 में विभिन्न विकास कार्य हुए थे, इसमें सात गांव ऐसे थे, जिनमें 5.76 लाख रुपये की अनियमितता की गई। इसका खुलासा सोशल ऑडिट से हुआ। इस अनियमितता की धनराशि को विभाग में जमा नहीं किया। 19 जनवरी को बिनौली ब्लॉक में सोशल ऑडिट की बैठक में अनियमितता की धनराशि जमा न करने पर नाराजगी जताई थी। डीडीओ हुब लाल ने बताया कि बिनौली ब्लॉक की 34 ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट किया। इसमें सात पंचायतों में 576540 लाख रुपये की प्रधान और सचिवों पर अनियमितता साबित हुई। किसी पंचायत में कम तो किसी में ज्यादा की गड़बड़ी मिली। सभी को धनराशि जमा करने के लिए आदेशित किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि सात गांवों में हुई अनियमितता की धनराशि को जमा कराने का मामला उठाया तो हर कोई इधर उधर देखने लगा। उन्होंने सचिवों से धनराशि के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि यह राशि डीआरडीए कार्यालय में जमा करा दी है।