बागपत। ग्राम विकास अधिकारी प्रवेंद्र कुमार ने डीएम को बताया कि उसे बिना किसी जांच के निलंबित किया। उन्होंने डीएम से निलंबन रद्द कराने की मांग की। एक माह पूर्व तत्कालीन डीपीआरओ संजय कुमार यादव ने दाहा और औसिक्का गांव में विकास कार्यों में अनियमितता पर डीएम के निर्देश पर तीन ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित किया। पंचायत राज विभाग की निदेशक प्रवीणा चौधरी को जांच में यहां गड़बड़ी मिली थी। ग्राम विकास अधिकारी प्रवेंद्र कुमार शनिवार को संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार के साथ डीएम से मिले। बताया कि तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी ने बिना किसी जांच पड़ताल कराएं उन्हें निलंबित किया, जो जांच निदेशक ने की, उसमें नाम भी नहीं था। जिस समय धांधली हुई, उस दौरान उसने अपनी सभी रिपोर्ट दूसरे ग्राम विकास अधिकारी को सौंप दी थी। जांच में उस पर कोई दोष नहीं पाया है। उन्होंने डीएम से मांग रखी बिना आधार के निलंबन किया है। इसलिए निलंबन के आदेश को रद्द कराया जाए। ब्यूरो