बड़ौत (बागपत)। रेलवे रोड पर स्थित आर्य समाज भवन में आर्य समाज बड़ौत ने सामूहिक यज्ञ का आयोजन किया। इसमें प्रीतम सिंह वर्मा ने कहा कि जब तीन उत्तम शिक्षक माता-पिता तथा आचार्य होंगे तभी मनुष्य ज्ञानवान बनता है। इन तीनों के ऋण से समाज ऊंचा उठता है। उनकी सेवा आदर करना और उनकी आज्ञाओं का पालन करना अति आवश्यक है। बच्चों के शिष्टाचारी सदाचारी तथा धार्मिक बनने में माता की अहम भूमिका होती है। महर्षि दयानंद सरस्वती ने लिखा था कि धन्य वह माता है जो गर्भाधान से लेकर जब तक उसकी शिक्षा पूरी न हो उसे सुशीलता का उपदेश करें। यज्ञमान प्रीतम सिंह और ब्रहा अगिरस मुनि रहे। इसमें डॉ. ओमवीर सिंह, डॉ. अमित खोखर, सत्येंद्र उज्ज्वल, जसवीर मलिक, सुरेश पाल, रणतेज, डॉ. हरपाल सिंह, जसवीर मलिक, उपेंद्र आर्य, हरबीर सिंह, इंद्रपाल, सुरेंद्र पाल आर्य, तेजेंद्र चौहान, जयप्रकाश, सुनील, रामबली राणा, राजपाल आदि रहे।