बड़ौत (बागपत)।
लोक शिक्षक प्रेरकों ने तहसील में प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित विभिन्न मांगों से युक्त ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
लोक शिक्षक प्रेरकों ने बताया उनकी नियुक्ति 24 जनवरी 2014 को हुई । इनका कार्य 14 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षरों को साक्षर करना है। जिसके लिए प्रेरकों को दो हजार रुपये मानदेय और प्रति माह पांच सौ रुपये अन्य खर्च निर्धारित हैं, लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा निरक्षरों को साक्षर करने के अलावा इन शिक्षक प्रेरकों से जूनियर व प्राइमरी स्कूलों में पूरे समय बच्चे भी पढ़वाए गए। साथ ही जनगणना, पल्स पोलियो व बीएलओ से संबंधित कार्य भी इनसे लिया गया। इन को दो वर्ष से अधिक का मानदेय अभी तक नहीं मिला है। संबंधित अधिकारियों से शिक्षक प्रेरक मानदेय के संबंध में कई बार गुहार लगा चुके हैं, उन्हें मानदेय शीघ्र दिलाया जाए। प्रति माह मिलने पर खर्च दिलाया जाए। ट्रेनिंग, प्रति माह होने वाली बैठक, फर्नीचर, स्टेशनरी अन्य सामग्री के लिए उपलब्ध कराए धन की जांच कराई जाए। शिक्षक प्रेरकों को डिजीटल इंडिया जैसी अन्य योजनाओं से जोड़ा जाए। इस एसडीएम ने ज्ञापन को सीएम तक पहुंचने का आश्वासन दिया। इस मौके पर सुशील कुमार, वीरपाल सिंह, किरण पाल, कलेंडर, एकता, शबाना, अरूण, मीनू, सोनिया, धर्मेंद्र, सुधीर, जितेंद्र, पारुल, संगीता, ज्योति, सुनीता, राज सिंह आदि रहे।