बड़ौत (बागपत)। रेलवे रोड पर स्थित आर्य समाज मंदिर में यज्ञ का आयोजन किया । इसमें आर्यजनों ने यज्ञ में आहुतियां डाली। यज्ञ के ब्रह्म मित्र मुनि और यज्ञमान रणतेज उज्ज्वल रहे। प्रीतम सिंह वर्मा ने कहा यज्ञोपवित धारणा करना मानव संस्कृति का सर्वश्रेष्ठ संस्कार हैं। यह भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। इसे दीक्षा सूत्र भी कहा जाता है। वैदिक संस्कृति के अनुसार यज्ञ प्रारंभ करते ही यज्ञोपवित धारणा करना अनिवार्य है। सभी आर्यजनों ने राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना करे यज्ञ में आहुतियां डाली। यज्ञ में रामबली राणा, सुनील आर्य, राधेश्याम, हरवीर, जसवीर मलिक, ओमपाल राठी, ओमवीर सिंह, सुखपाल, गुलाबचंद आदि रहे।