दोघट (बागपत)। पं. सत्यपाल आर्य ने कहा कि यज्ञकर्ता पर हमेशा सुख की वर्षा होती है। जो व्यक्ति यज्ञादि से जलादि शुद्ध पदार्थों का सेवन करते हैं, उन पर सुख रूप अमृत की वर्षा होती है। दाहा गांव स्थित कश्यप धर्मशाला में यज्ञ में उन्होंने कहा कि जो स्त्री अपने माता-पिता, पति व अन्य समाज की सेवा करती है, वह बहुत ही भाग्यशाली होती है। उनके जीवन में कभी भी दुख नहीं आता। यज्ञ हमेशा मेल सिखाता है। यज्ञ जैसा पवित्र कार्य इस जगत में नहीं है। इसलिए अपने घर में प्रत्येक दिन यज्ञ करें। यज्ञ में मास्टर सत्यपाल सिंह, अरविंद कुमार, आशीष, अंशुल, विनोद, प्रवीण, विपिन, अनिता, सुनिता, दिव्या, कमला, कमलेश, करुणा, अंजू, मंजू आदि उपस्थित रहे।