दाहा (बागपत)। आर्य समाज मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रम हुआ। इसमें वक्ताओं ने देसी गायों की प्रजाति के विलुप्त होने पर चिंता जताई। पंडित सतपाल आर्य ने कहा देसी गाय औषधालय है। दूध देने वाली नस्ल की और लोग ज्यादा भाग रहे है। देसी गाय का दूध, दही, मूत्र और गोबर विभिन्न रोगों में काम आता है। भगवान श्री कृष्ण ने भी इन्हीं गायों की सेवा की और जंगल में चराने के लिए ले जाया करते थे। आयुर्वेद में लिखा है कि गाय का पालन करने वाले भी बीमारियों को दूर रहते हैं। इसमें सुमित, सचिन, मोनू कुमार, रोहित, अश्वनी, देवेंद्र आर्य, विमला, संतोष, रामभतेरी, मांगेराम कश्यप मौजूद रहे।