बड़ौत (बागपत)।
जैन संत उपाध्याय नयन सागर महाराज ने कहा मनुष्य की पहचान उसके चरित्र से होती है, ना कि उसके धनबल या बाहुबल से। चरित्र तो समर्थवान लोगों का आभूषण है।
मंगलवार को दिगंबर जैन कॉलेज में आयोजित धर्मसभा में उन्होंने कहा जैन दर्शन के दस में से एक मार्दव उत्तम चरित्र भी है। उत्तम चरित्र से युक्त मनुष्य आकाश में पूर्णिमा के चंद की भांति दमकता है। उसके यश की कीर्ति चारों दिशा में फैलती है। बिना चरित्र का व्यक्ति चाहे वह कितना भी रुपवान, विद्यावान या धनवान क्यों ना हो वह केवल पशु समान है। चरित्र से युक्त साधारण से साधारण मनुष्य भी उत्तम सम्यक्ता को धारण कर उत्थान के मार्ग की प्रशस्त होता है। दिगंबर जैन हाईस्कूल एसोसिएशन के संयुक्त सचिव धनेंद्र कुमार जैन ने मंच संचालन एवं बारह भावना का पाठ किया और बताया कि नयन सागर महाराज का मंगल विहार 20 दिसंबर कॉलेज प्रांगण से किशनपुर बिराल के लिए होगा। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र सिंह ने जैन संत को शास्त्र व जैन साहित्य संस्करण भेंट किए। सांय काल गुरू भक्ति के कार्यक्रम हुए। इसमें घासीराम जैन, धन कुमार जैन, राकेश कुमार जैन, अरविंद जैन, सुनील कुमार जैन, विमल प्रसाद जैन, सुशील कुमार जैन, रमेश चंद जैन, रविंद्र कुमार जैन, श्रेयांस जैन, धनपाल जैन, प्रदीप जैन, अंजुल जैन, निशा जैन, अंजलि जैन आदि रहे।