थाना क्षेत्र के ग्राम पसिका गांव निवासी प्रियांशु मौर्य (22) अपने गांव के करीब दस लोगों के साथ काम के सिलसिले में ट्रेन से हैदराबाद जा रहे थे। प्रियांशु के पिता दीनानाथ मौर्य ने बताया कि पांच मार्च को ट्रेन जैसे ही महाराष्ट्र के चांदपुर रेलवे स्टेशन पर रुकी, उसी दौरान एक वृद्ध महिला ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही थी। मानवता का परिचय देते हुए प्रियांशु उसे सहारा देकर ट्रेन में चढ़ाने लगे। तभी ट्रेन ने सीटी दी और चल पड़ी। इसी दौरान प्रियांशु का पैर फिसल गया और वह नीचे गिर पड़े। देखते ही देखते वह ट्रेन की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना पर रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पोस्टमार्टम के बाद जब शव एंबुलेंस से प्रियांशु मौर्य गांव पहुंचा तो पूरे गांव में मातम छा गया। प्रियांशु तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। शव का अंतिम संस्कार जौनपुर के रामघाट पर किया गया।