अपनी मासूम बहन के साथ सोनू
- फोटो : अमर उजाला
जब वह गर्भवती हुई तो पति ने कहा भी था कि पहले से घर में दो बहनें हैं। ऐसे में मुझे बेटा ही चाहिए। चार दिन पहले सरायमीर के एक अस्पताल में ऑपरेशन से बेटी हुई। बेटी पैदा होने की जानकारी होते ही पति जैसे एकदम से डिप्रेशन में चले गए। तीन दिन बाद ही पति की खुदकुशी से पत्नी मनीषा का रो-रो कर बुरा हाल है। वो बार-बार यह कह रही है कि अगर बेटा पैदा हुआ होता तो शायद मेरी मांग का सिंदूर नहीं उजड़ता। अब किसके सहारे मैं बेटी को लेकर जिंदगी काटूंगी।
सोनू के रोते-बिलखते परिजन
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शादी के तीन साल के अंदर सबकुछ खो देने के बाद पत्नी मनीषा का हाल बेहाल है। वह तो सिर्फ रो रही है और कुछ भी उसके समझ में नहीं आ रहा है। उसने कहा कि शादी के बाद मेरे जीवन में खुशियां आ गईं थीं। सबकुछ ठीक था लेकिन इसी बीच सास की मौत हो गई। इसके बाद ससुर भी न जाने कहां चले गए। इससे मेरी दो छोटी ननदों की जिम्मेदारी भी पति के सिर आ गई। जिसे लेकर वह विचलित से हो गए थे। अब मैने भी बेटी को जन्म दे दिया तो .... मेरा तो सबकुछ खत्म हो गया।
घटना के बाबत सोनू के साले गोविंद से जब बात की गई तो उसने कहा कि जीजा 14 नवंबर को कोलकाता से आए थे। 15 नवंबर को बहन मनीषा ने बेटी को जन्म दिया। सूचना देने पर कुछ बोले नहीं और बहन को लेकर अस्पताल भी आए लेकिन अपनी बेटी को गोद में भी नहीं लिया।
18 को यह कह कर निकले कि बहन का पेपर है और गेहूं की बुआई करनी है। ऐसा कुछ आभास ही नहीं हुआ कि वे हमारे बहन की दुनिया उजाड़ने जा रहे हैं। अन्यथा हम उन्हें जाने ही नहीं देते।