रौनापार थाना क्षेत्र के बहावनपुर गांव निवासी युवक मारपीट में घायल हो गया था। वृहस्पतिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मारपीट के मामले में तीन लोग नामजद किए गए थे। जिसमें एक को पकड़ कर पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया था। बृहस्पतिवार की रात शव घर पहुंचा और शुक्रवार को गांव की महिलाएं शव लेकर आरोपियों के गांव की ओर जाने लगी। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें समझाया और शव का अंतिम संस्कार कराया। बहावनपुर गांव निवासी सोनू का पैसों के लेनदेन को लेकर 18 जुलाई को पड़ोस के गांव के लोगों से विवाद हो गया था। 18 जुलाई की रात को विरोधियों ने सोनू को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसे जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया। जहां से उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया। वहीं सोनू के जीजा ने रौनापार थाने में तीन के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने एक आरोपी धर्मेंद्र को पकड़ा था और शांतिभंग में चालान कर दिया था। देर रात मृतक का शव घर पहुंचा तो तनाव को देखते हुए फोर्स की तैनाती कर दी गई थी। शुक्रवार को शव अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ तो सीओ महेंद्र शुक्ला, एसडीएम अतुल गुप्ता आदि मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने मृतक के परिजनों को 50 लाख मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी गांव की महिलाएं आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रही थी। पुलिस की हीलाहवाली पर महिलाएं शव लेकर आरोपी के गांव बहावलपुर के लिए निकल पड़ी। महिलाओं को शव लेकर आरोपियों के घर की तरफ जाता देख पुलिस महकमे में खलबली मच गई। सीओ महेंद्र शुक्ल ने आगे बढ़ कर महिलाओं को रोका और समझा बुझा कर शांत कराते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हो गए।