आजमगढ़। स्वतंत्रता दिवस पर जिले की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं इस बार भी देशभक्ति के साथ आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश करेंगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत शासन ने आजमगढ़ जिले को दो लाख तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य दिया है। इस कार्य की जिम्मेदारी जिले के विभिन्न विकास खंडों में संचालित स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। महिलाएं अपने घरों पर ही तिरंगा तैयार करेंगी, जिससे उन्हें रोजगार के साथ अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा। विभाग की ओर से तिरंगा निर्माण शुरू होने से पहले समूहों की महिलाओं को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभियान के तहत तैयार किए गए सभी तिरंगे 15 अगस्त से पहले सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और आमजन तक पहुंचा दिए जाएंगे। इससे हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाया जाएगा। समूहों की महिलाओं ने भी इस पहल पर खुशी जताई है। उनका कहना है कि तिरंगा तैयार करना उनके लिए गर्व की बात है। एक ओर वे देश के सम्मान से जुड़े इस अभियान में अपनी भागीदारी निभाएंगी, वहीं दूसरी ओर इस कार्य से मिलने वाली आय उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगी।