आजमगढ़। कोहरे में मुख्य मार्गों और हाईवे पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। सड़कों पर लगाए गए रिफ्लेक्टर, मोड़ संकेत, सफेद पट्टियां गायब हो गई हैं। हाईवे पर बने अवैध कट और ब्लैक स्पाॅट हादसे को न्योता दे रहे हैं। सर्विस लेन पर भी संकेतक नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में कोहरा बढ़ने पर हादसों का खतरा बढ़ेगा। कोहरे के दौरान जब सड़क नजर नहीं आती है, तब सड़क पर बनी सफेद पट्टियों और रिफ्लेक्टर के सहारे ही ड्राइवर वाहन चलाते हैं। कोहरे में हादसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने के प्रयास सिर्फ सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों तक सीमित हो गए हैं। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ सकता है। जिले के आजमगढ़-मऊ मार्ग पर, गिरिजा घर से शारदा चौराहे तक, बेलइसा से कोटिला तक, भंवरनाथ चौराहे से कप्तानगंज मार्ग पर सड़क किनारे बनाई गई सफेद पट्टी कहीं धुंधली हो गई तो कहीं गायब हो गई हैं। यही नहीं, सड़कों पर रिफलेक्टर तक नहीं लगाए गए। जिले के कई ऐसे मार्ग हैं, जिन पर कोहरे में चलना जोखिम भरा हो सकता है।