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मौसम ने ली करवट तो बढ़ गया धान की रोपाई का क्षेत्रफल

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आजमगढ़। मौसम की बेरूखी के कारण इस बार पूरी तरह से धान की रोपाई प्रभावित होने के कयास लगाए जाने लगे थे। लेकिन बीते 21 जुलाई से अच्छी बारिश होने का परिणाम रहा कि लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 65 फीसद धान की रोपाई किसान कर दिए। बारिश न होने के कारण 20 जुलाई तक मात्र 20 फीसद ही रोपाई हो पाई थी। 10 दिन में धान की रोपाई में 45 फीसद की बढ़ोत्तरी हुई है। जनपद में इस बार दो लाख 10 हजार 87 हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है लेकिन बारिश न होने और नहरों में पानी न छोड़े जाने के कारण किसान धान की रोपाई से मुंह फेरने लगे थे। 15 जून से 15 जुलाई तक जनपद में मात्र 29.33 मिमी. ही बारिश हुई थी। जिन किसानों के पास अपने खुद के संसाधन थे वह महंगा डीजल खरीदकर अपने खेतों में धान की रोपाई कर रहे थे। मौसम की बेरूखी व नहर विभाग की उदासीनता का परिणाम रहा कि जनपद में 20 जुलाई तक मात्र 20 फीसदी यानि 20 हजार हेक्टेयर में ही धान की रोपाई हो पाई थी। जो किसान धान की रोपाई कर चुके थे उनके सामने फसल को बचाने की चुनौती थी। वह महंगे दामों पर डीजल खरीद कर धान के खेतों में पानी चला रहे थे। इससे आकलन लगाया जा रहा था कि इस बार धान की खेती पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगी। आसमान में बादल छाए रहते थे लेकिन बारिश नहीं होती थी जिसके कारर किसान उदास होने लगे थे। इसी बीच 21 जुलाई को मौसम ने करवट ली और जिले में झमाझम बारिश होने लगी। अच्छी बारिश होने के कारण पहले से रोपे गए धान की फसल को जहां संजीवनी मिली वहीं, खेतों में पानी लगने से किसान धान की रोपाई में जूट गए। विभाग के मुताबिक 30 जुलाई तक जनपद में लगभग 65 फीसद यानि 1लाख 36 हजार हेक्टेयर से अधिक में धान की रोपाई हो चुकी है। मौसम बना रहा तो रोपाई में और इजाफा होगा। जिला कृषि अधिकारी डॉ. गगनदीप सिंह ने कहा कि जिले में 20 जुलाई तक 20 फीसद ही धान की रोपाई हो पाई थी लेकिन 21 जुलाई से अच्छी बारिश होने से रोपाई तीन गुना बढ़ गई। इसी तरह बारिश होती रही तो जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 90 फीसद धान की रोपाई होने की पूरी उम्मीद है।
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