जिला चिकित्सालय की ओपीडी के बाहर जुटी मरीजों की भीड़। संवाद
आजमगढ़।
ईयर फोन-बड्स का लगातार इस्तेमाल करने से 16 से 24 आयु वर्ग के बच्चों में सुनने की क्षमता कमजोर हो रही है। जिला अस्पताल में हर महीने लगभग 200 मरीज कान में दर्द और कम सुनाई देने की समस्या से परेशान होकर आ रहे हैं। इस आयु वर्ग के बच्चे प्रतिदिन चार से छह घंटे तक इनका इस्तेमाल करते हैं। जिला अस्पताल के ईएनटी विभाग के डॉ. रामकेवल ने बताया कि लगातार ईयरफोन के इस्तेमाल से सुनने की क्षमता 10 फीसदी तक प्रभावित हो सकती है। 80 डेसिबल तक की ध्वनि लंबे समय तक सुरक्षित मानी जाती है।
बचाव के तरीके
- मोबाइल की आवाज अधिकतम 60 फीसदी तक रखनी चाहिए।
- लगातार 60 मिनट से ज्यादा ईयरफोन का इस्तेमाल न करें।
- बीच-बीच में 10 से 15 मिनट का अंतराल लेना आवश्यक है।
- अधिक शोर वाले स्थानों पर ईयरफोन के इस्तेमाल से बचें।
- सोते समय ईयरफोन या ईयरबड्स कानों में न लगाएं।
लगातार इस्तेमाल से होने वाले नुकसान
- धीरे-धीरे सुनने की क्षमता कम हो सकती है।
- कानों में लगातार सीटी या घंटी जैसी आवाज आने लगती है।
- सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और मानसिक थकान होने लगती है।
- नींद की गुणवत्ता में कमी और एकाग्रता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
- सामाजिक अलगाव और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।