फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Azamgarh News: चमन के फूल हैं हम, खार लिख नहीं सकते...

विज्ञापन
विज्ञापन
सगड़ी। तहसील क्षेत्र के वीणापाणी विद्यापीठ बहावनपुर सरहासागर परिसर में सोमवार को राष्ट्रीय एकता कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से हंसाया, चिकोटी काटी तो व्यवस्था पर प्रहार भी किया। यह आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी और मदन मोहन मालवीय की जयंती के उपलक्ष्य में हुआ। कवि सम्मेलन में बिहार से आए कवि सुनील कुमार तंग ने “रेलगाड़ी के सफर में एक भिखारी चला, घूमते घूमते मेरे पास आ गया” सुनाकर लोगों को ठहाके लगाने के लिए विवश कर दिया। सीतापुर से आए कौन्तेय जय ने “दर्द को भूलकर, अश्रु को पोंछकर प्रेम का गीत हूं गुनगुना लीजिए” सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी। हरदोई से आए कवि अनमोल मिश्रा ने “ये दोस्त दुनिया ये जालसाजी कदम कदम पर करे है ठोकर तेरा सुदामा गिरा कन्हैया इसे उठाओ गले लगाओ” सुनाकर कर लोगों की तालियां बटोरी। डॉक्टर सत्य नवादा शर्मा ने “मेरे वजूद को बेजार लिख नहीं सकते, चमन के फूल हैं हम खार लिख नहीं सकते”, कवि पंकज ने “कुछ जयचंदो और जाफरों से भारत शर्मिंदा है भूल न जाना इस धरती पर वीर हामिद भी जिंदा है” सुन कर सबको देशभक्ति के रस से सरोबार कर दिया। इसी तरह से कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को देर शाम तक बांधे रखा। इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजन लालबहादुर शास्त्री ने कविताएं पढ़ी। मुख्य अतिथि डॉ. अनिल राय रहे। इस दौरान नवोदय विद्यालय की प्राचार्य शशिकांत राय, आनंद प्रकाश तिवारी, आलोक राय, अजय सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें