मानसून की पहली झमाझम बरसात बृहस्पतिवार की रात से शुरू होकर शुक्रवार को पूरे दिन होती रही। जम कर बरसे बदरा ने उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत तो दी लेकिन निचले इलकों में हुए जल भराव ने लोगों को परेशान कर दिया। इतना ही बरसात ने नगर पालिका के नाले-नालियों को लेकर चलाए जा रहे सफाई अभियान की भी कलई खोल कर रख दी। सफाई के सारे दावे हवाई साबित हुए। बृहस्पतिवार की देर शाम से जिले में झमाझम बरसात की शुरूआत हुई। पूरी रात बादल बरसते रहे। शुक्रवार की सुबह भी अच्छी बरसात हुई। इतना ही नहीं कुछ देर शांति के बाद दिन में दो से तीन बजे के बीच में भी जमकर पानी बरसा। झमाझम बरसात के बाद तो उमस भरी गर्मी से लोगों को काफी राहत मिल गई। वहीं जगह-जगह हुए जल जमाव ने लोगों की परेशानी को भी बढ़ा दिया। एसकेपी इंटर कालेज, इदगाह मार्ग पर पूरी सड़क लबालब हो गई थी। जिससे लोगों को आवागमन में दुश्वारियां झेलनी पड़ी। गांधी तिराहा रैदोपुर, एसपी आफिस के सामने, सीताराम मुहल्ला में भी सड़क पर पानी भर जाने से लोग परेशान हुए। इसके अलावा कर्बला का मैदान, डीएवी स्कूल का मैदान, मेहता पार्क समेत शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। जल जमाव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। नगर पालिका परिषद के ईओ मनोज कुमार ने बरसात पूर्व ही यह दावा किया था कि इस बार बरसात में लोगों को जल जमाव की जलालत नहीं झेलनी पड़ेगी। झारखंड की 27 सदस्यी दो टीमें तो नपा की 10 सदस्यी एक टीम शहर के सभी नाले नालियों की तल्लीमार सफाई कर रही है। लेकिन उनके दावे की कलई बृहस्पतिवार की रात से शुरू हुई झमाझम बरसात ने खोल दी। ईओ ने बताया कि कुछ जगहों पर थोड़ा बहुत जल जमाव हुआ है। वहां की भी व्यवस्था को दुरूस्त करा दिया जाएगा। अभी कुछ बड़े नालों की सफाई बाकी है, जो चल रही है। इसके बाद शहर में कहीं भी जल जमाव नहीं होगा।