सगड़ी तहसील के देवारांचल में घाघरा नदी का जलस्तर 24 घंटा में 13 से 12 सेमी घटने से कटान तेज हो गई है। शुक्रवार तक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी थी। जो डिघिया नाले पर 20 सेमी नीचे बह रही थी। ऐसा लगा रहा था कि नदी शनिवार को लाल निशान के पार हो जाएगी। जलस्तर में कमी से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लगातार चार दिनों से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद एक बार फिर घटना शुरु हो गया है। बढ़ने घटने के कारण कटान तेज हो गई है। गांव के संपर्क मार्ग टूट रहे हैं। जिससे किसान चिंतित हैं। घाघरा नदी के घटने बढ़ने से किसानों की खेती योग्य जमीन कटती जा रही है। ऊपर से पानी डिस्चार्ज होने से घाघरा नदी दो-तीन बढ़ने के बाद शनिवार से घटने लगी है। क्षेत्र की ग्राम पंचायत उर्दिहा औरा सहबदिया में कटान तेज हो गई है। सहबदिया, उर्दिहा गांव के किसानों की जमीन कटती जा रही है। घाघरा नदी का जलस्तर घटने से किसानों को बाढ़ की आहट से राहत मिली है, पर तेजी से हो रही कटान ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। सहबदिया गांव के किसानों का शनिवार को भी 25 बीघा और उर्दिहा गांव के किसानों की 20 बीघा जमीन घाघरा की कटान में जा चुकी है। घाघरा नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर शुक्रवार की शाम चार बजे 70.92 मीटर दर्ज किया गया था जो शनिवार को 13 सेमी घटकर 70.79 मीटर पर पहुंच गया। बदरहुंआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। डिघिया नाला का जलस्तर शुक्रवार की शाम 70.20 मीटर था जो शनिवार को 12 सेमी घटकर 70.08 मीटर हो गया। यहां पर न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 और अधिकतम 72.59 मीटर है। पहाड़ों पर अधिक वर्षा होने से बैराजों से लगातार पानी डिस्चार्ज हो रहा है। शनिवार को कुल 262406 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जिसमें शारदा बैराज से 126629 क्यूसेक, गिरिजा बैराज से 134435 क्यूसेक और सरयू से 1342 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है।