लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। विगत 24 घंटों में नदी के जलस्तर में 96 सेमी की बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। मानसून के फिर से सक्रिय होने और पहाड़ों पर हो रही बारिश से सरयू नदी के जल स्तर में इजाफा दर्ज किया गया है। हालांकि सरजू अभी खतरा बिंदु से काफी नीचे बह रही है। लेकिन नदी के जलस्तर में और इजाफा होने की आशंका बताई जा रही है। घाघरा नदी के बदरहुंआ गेज पर घाघरा नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदू 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। शुक्रवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 69.90 मीटर दर्ज किया गया था। जो शनिवार को 96 सेमी बढ़कर 70.86 हो गया। वहीं डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.10 मीटर है। डिघिया नाले पर शुक्रवार को जलस्तर 69.26 मीटर था जो शनिवार को 99 सेमी बढ़कर 70.25 मीटर हो गया। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर 24 घंटे में 96 सेंटीमीटर बढ़ा। घाघरा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाके में कटान तेज हो गई है। वहीं बाढ़ खंड के कर्मचारी अधिकारी मौन साधे हुए हैं। घाघरा नदी का पेटा भरना शुरू हो गया है। निचले क्षेत्रों के लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि घाघरा नदी से उनकी कृषि योग्य उपजाऊ हो नदी में समाहित होती जा रही है। घाघरा के जलस्तर में वृद्धि होते ही तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की धड़कन तेज हो जाती है। पानी बढ़ने के साथ घाघरा नदी कटान तेज कर दिया है जिससे गांगेपुर और परसिया गांव के लोग चिंतित होते जा रहे हैं।