सगड़ी तहसील क्षेत्र में जैसे-जैसे घाघरा का जलस्तर घट रहा वैसे-वैसे देवारावासियों की धड़कने भी तेज होती जा रही हैं। जलस्तर घटने के कारण कटान तेज हो गई है। जिससे किसान चिंतित हैं। घाघरा नदी का जलस्तर बहुत ही धीमी गति से घट रहा है। बैराजों से नदी में पानी छोड़े जाने के कारण बुधवार से एक बार फिर से जलस्तर में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। मंगलवार को बांका ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान हीरालाल यादव, देवारा खास राजा गांव के प्रधान रामसिंगार यादव और सहबदिया गांव के पूर्व प्रधान जोखन पटेल ने बताया कि गांव का संपर्क मार्ग महुला गढ़वल बांध से और पानी बढ़ा तो संपर्क टूट जाएगा। घाघरा नदी के धीमी गति से घटाव को देखते हुए लग रहा है कि बाढ़ आने की पूरी आशंका है। घाघरा नदी का जलस्तर बदरहुआ नाले पर सोमवार की शाम चार बजे 70.18 मीटर पर बह रही थी। जो मंगलवार को 09 सेंटीमीटर घटकर 70.09 मीटर पर बह रही है। बदरहुंआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर है, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। डिघिया नाला का जलस्तर सोमवार को शाम चार बजे 69.49 मीटर था जो मंगलवार को 08 सेमी घट कर 69.41 मीटर हो गया। न्यूनतम जलस्तर 68.90, खतरा बिंदु 70.40 और अधिकतम 72.59 मीटर है। नदी में विभिन्न बैराजों से दो लाख 87 हजार 429 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसमें गिरजा बैराज से एक लाख 55 हजार 103 क्यूसेक, शारदा बैराज से एक लाख 31 हजार 337 क्यूसेक और सरयू बैराज से 989 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके आने के बाद नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी की संभावना जताई जा रही है। वहीं जलस्तर घटने उर्दिहा, सहबदिया और गांगेपुर में कटान तेज हो गई है। तेजी से हो रही कटान को देख ग्रामीण चिंतित हैं।