आजमगढ़/अमिलो। दो जनपदों के बीच बह रही तमसा नदी पार करने के लिए करोड़ों की लागत से बना पुल पांच सालों से बेकार पड़ा हुआ है। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण अब तक एप्रोच मार्ग नहीं बन पाया। इसके कारण आसपास के कई गांवों की 25 हजार की आबादी को पांच की जगह 25 किमी की दूरी तय करना पड़ती है। आजमगढ़ के मुबारकपुर और मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना विधान सभा के बीच मदनपुर-मड़हा घाट पर आवागमन के लिए वर्ष 2015 में 11 करोड़ 45 लाख की लागत से पुल की स्वीकृति मिली। सेतु निगम ने वर्ष 2019 में पुल को बनाकर तैयार कर दिया। अब पुल के दोनों तरफ एप्रोच मार्ग बनाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग मऊ की थी। इसके लिए तीन करोड़ 57 लाख 13 हजार रुपये स्वीकृत मिले थे। पांच साल बीत गया लेकिन लोक निर्माण विभाग एप्रोच मार्ग नहीं बनवा पाया। हालांकि पुल निर्माण से पूर्व लोग नाव से नदी पार करते थे लेकिन अब नाव भी बंद हो गई है। एप्रोच मार्ग का निर्माण न होने से एक तरफ के मड़हां, मोही, उद्दीनपुर, पट्टी, पनशब्दा, विशुनपुरा, वलीदपुर, भीरा, परासखांड़ वहीं, दूसरी तरफ के सठियांव, मदनपुर, मोईनाबाद, मखदुमपुर, देवकली तारन, गोंछा, इब्राहीमपुर, पिचरी, जलालपुर, मिर्जापुर, ओझौली आदि गांवों की 25 हजार से अधिक की आबादी का आवागमन प्रभावित हो गया है। इनको पांच किमी की दूरी मोहम्मदाबाद के रास्ते 25 किमी में तय करना पड़ रहा है। विभाग की लापरवाही के कारण लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। आगे भी एप्रोच मार्ग बनने की उम्मीद नहीं दिख रही है। राहगीर बांस की सीढ़ी से पुल पर चढ़कर आते-जाते हैं।