आजमगढ़। शासन ने मंडल स्तर पर पशुपालकों को बहुउद्देशीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पशु चिकित्सा पाली क्लीनिक की स्थापना की है। सिधारी पर 2016-17 से आठ करोड़, 31 लाख रुपये से परियोजना का निर्माण पूर्ण कर लिया है। मानव संसाधन के अभाव में पशुपालकों को पशु चिकित्सा पाली क्लीनिक की सुविधा नहीं मिल पाती थी लेकिन विभाग ने कम संसाधनों के साथ ही उसे एक जनवरी से खोलने का फैसला लिया है।
पशुपालकों को सुविधाएं देकर पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार तमाम योजनाएं संचालित कर रही है। कामधेनु, मिनी व माइक्रो कामधेनु योजना के माध्यम से डेयरी स्थापना के लिए ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। साथ ही पशुपालकों के मवेशी सुरक्षित रहे, इसके लिए समय-समय पर अभियान चलाकर टीकाकरण किया जा रहा है। शासन ने मंडल स्तर पर पशुपालकों को बहुउद्देशीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पशु चिकित्सा पाली क्लीनिक की स्थापना की है। इसपर करीब आठ करोड़, 31 लाख रुपये खर्च किए गए है। कार्यदायी संस्था को 2019 में ही पशु चिकित्सा विभाग को हैंडओवर किया जाना था लेकिन आवासीय परिसर का बजट बढ़ जाने से निर्माण में देरी हो गई। अब नए साल से पशु पालकों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने जा रही है। एक जनवरी से पाली क्लीनिक खुल जाएगा। हालांकि अभी सभी संसाधन नहीं उपलब्ध हो सकेंगे लेकिन पशुओं के इलाज के लिए यहां चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे। साथ ही जांच एवं दवाएं भी उन्हें दी जाएगी।
पशु चिकित्सा पाली क्लीनिक एक जनवरी 2023 से खुल जाएगा। अभी कम संसाधनों के साथ इसे चालू किया जाएगा। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों जैसे मेडिसिन, सर्जरी, डाइनोलाजिस्ट, पैथालॉजिस्ट की तैनाती की जाएगी। क्लीनिक में पशुपालकों को इलाज की बेहतर सुविधा मुहैया होगी। - डा. धर्मेंद्र पांडेय, सीवीओ आजमगढ़।