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माफिया मुख्तार प्रकरण में 18 को आ सकता है फैसला

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आजमगढ़। माफिया मुख्तार के खिलाफ जिले में चल रहे मुकदमें में 18 जुलाई को फैसला आ सकता है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्तार अंसारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में पेश हुआ। पेशी के दौरान उसने जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाया। तरवां थाना क्षेत्र के एराकला गांव में सड़क निर्माण ठेके के विवाद को लेकर ठेकेदार पर माफिया मुख्तार के लोगों ने फायरिंग किया था। जिसमें ठेकेदार तो बाल-बाल बच गए थे लेकिन दो मजदूर गोली लगने से घायल हो गए थे। जिसमें एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत तक हो गई। इस मामले में तरवां थाने में मुख्तार व उसके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। अक्टूर 2020 में इस मामले में गैंगेस्टर के तहत भी कार्रवाई हुई और माफिया मुख्तार व उसके सहयोगियों पर गैंगेस्टर जनपद पुलिस ने लगा दिया। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है। बुधवार को अंतिम सुनवाई होनी थी। जिसमें माफिया मुख्तार बांदा जेल से वीसी के माध्यम से उपस्थित हुआ। इस दौरान उसने पुन: अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई। बुधवार को हुई बहस के दौरान मुख्तार के वकील लल्लन सिंह ने कहा कि मुकदमा 2014 में दर्ज हुआ और छह साल बाद गैंगेस्टर की कार्रवाई की गई। जबकि मुख्तार पिछले कई सालों से जेल में है। मुख्तार के वकील के इस बात का सरकारी वकील दीपक मिश्रा ने विरोध किया। बुधवार को न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट ओमप्रकाश ने सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित कर दिया। अब सजा सुनाए जाने के लिए 18 जुलाई की तिथि नियत की गई है।
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