आजमगढ़। वर्तमान में आजमगढ़ से वाराणसी जाना लखनऊ से भी महंगा गया है। आजमगढ़ से लखनऊ की दूरी 290 किमी है। यहां से बस से जाने के लिए 452 रुपये यात्रियों को खर्च करना पड़ता हैं। वहीं जिले से वाराणसी की दूरी 99 किमी है। बस से ढ़ाई से तीन घंटे का सफर है। लेकिन एक साल से दूरी समय और खर्च बढ़ गए हैं। यात्रियों को 194 रुपये किराया चुकाना पड़ रहा है। क्योकि चंदवक में गोमती नदी पर पुल के जर्जर से भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित है। इस कारण से बसें चंदवक से घूमकर औंड़िहार होते हुए वाराणसी पहुंचा रही हैं। इससे ढ़ाई से तीन घंटे का सफर चार से साढ़े चार घंटे का हो गया है। बस से यात्रा करने वालों के लिए आजमगढ़ से वाराणसी की दूरी 134 किमी हो गई है। दूरी बढ़ने पर परिवहन निगम ने बसों के किराए में 60 रुपये की वृद्धि कर दी है। चंदवक पुल से आवागमन बंद होने से पहले बस वाराणसी जाने के लिए यात्रियों को 134 रुपये चुकाना पड़ता था। अब दूरी बढ़ने पर 194 रुपये चुकाना पड़ता है। निगम ने एक रुपये 45 पैसा प्रति किमी की दर से किराया बढ़ा दिया है। वहीं आजमगढ़ से प्रतिदिन सुबह 5.25 बजे आजमगढ़-वाराणसी सिटी स्पेशल मेमू चलती है। जो सुबह नौ बजे वाराणसी सिटी स्टेशन पहुंचती है। इसका किराया मात्र 20 रुपये हैं। यह ट्रेन 164 किमी दूरी तय कर औंड़िहार होकर जाती है।
जनपद के कई कारेाबारी ऐसे हैं जो खरीदारी के लिए प्रतिदिन आजमगढ़ से वाराणसी का सफर करते हैं। इसमें कई कारोबारी तो ऐसे हैं जो लंबे सफर से बचने के लिए चंदवक में ही बस को छोड़कर वहां से ऑटो के जरिये आगे का सफर कर रहे हैं। ये यात्री ढ़ाई से तीन घंटे में वाराणसी पहुंच जाते हैं।
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बोले लोग
- फोटो संख्या- बस से जाने में यह सुविधा रहती है कि हम अपनी समय के अनुसार निकल सकते हैं। ट्रेन का समय फिक्स है इसलिए बस के सफर में सुविधा होती है। किराया ज्यादा है लेकिन ट्रेन से ठीक है।
भोला।
- फोटो संख्या- वाराणसी अक्सर काम से आना जाना लगा रहता है। वर्तमान में बसों के घूमकर जाने से एक तो भाड़ा अधिक लग रहा है दूसरे समय भी काफी लग रहा है। जल्द चंदवक पुल को शुरू करना चाहिए।
राजेश।
- फोटो संख्या- हम तो जब भी वाराणसी जाते हैं हमेशा चंदवक में उसे छोड़ देते हैं। वहां से हम ऑटो पकड़कर वाराणसी पहुंच जाते हैं। जिससे हमारे समय की काफी बचत हो जाती है।
राजीव।
- फोटो संख्या- लगभग एक वर्ष से चंदवक के पुल की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए ताकि यातत्रायों को सहूलियत हो सके।
अरविंद।