आजमगढ़ में निकाय चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
यूपी नगर निकाय चुनाव में महिला शक्ति ने खूब जोश दिखाया। चूल्हा-चौका छोड़ सुबह सात बजे से पहले ही मतदान केंद्रों पर उमड़ पड़ी। आधी आबादी ने अपने अधिकार का जमकर इस्तेमाल किया। पुरुषों की कतार पर महिलाओं की कतार भारी पड़ी। यह हाल सभी तीन नगर पालिका व 13 नगर निकायों में मतदान के लिए लाइन में लगी महिलाओं में देखने को मिला। जीयनपुर और अजमतगढ़ समेत कई निकायों के मतदान केंद्र पर महिलाएं घूंघट में भी मतदान के लिए पहुंचीं।
पहली बार मतदान करने वाली युवतियों का उत्साह देखने लायक था। कई परिवार के साथ मतदान के लिए पहुंची। संख्या के लिहाज से मतदान केंद्रों पर महिलाओं की भागीदारी पुरुष मतदाताओं से ज्यादा दिख रही थी। मुस्लिम बाहुल्य इलाके मुबारकपुर, फूलपुर, सरायमीर, निजामाबाद और माहुल में बुर्कों में महिलाओं की कतार लगी रही।
आजमगढ़ में निकाय चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ जिले के 16 निकायों में मतदान के दौरान दर्जनों लोगों को फर्जी मतदान करने से पहले ही पकड़ लिया गया। जिनमें कई नकाबपोश महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्रों में चक्रमण कर स्थिति पर नजर रखी और हो रहे मतदान के बारे में जानकारी ली।
जिले की तीन नगर पालिका मुबारकपुर, बिलरियागंज और आजमगढ़ शामिल है। वहीं 13 नगर पंचायतें निजामाबाद, फूलपुर, माहुल, सरायमीर, मेंहनगर, कटघर-लालगंज, बिलरियागंज, महाराजगंज, जीयनपुर, अजमतगढ़, अतरौलिया, जहानागंज और बूढ़नपुर हैं। इन निकायों में कुल 160 मतदान केंद्र और 532 बूथों पर सुबह सात बजे से मतदान हुआ।
फर्जी मतदान रोकने के लिए 17 थानों में स्पेशल टीम गठित की गई थी। जिसमें टीम के पास कई उपकरण थे। जिससे मतदाता की पहचान आसानी से हो रही थी। टीम ने अलग-अलग निकायों से दर्जनों फर्जी मतदाता पकड़े। यह मतदाता फर्जी आइडी से मतदान करने के लिए पहुंचे थे। जिन्हें बायोमेट्रिक तकनीक से पकड़ा गया। एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि मतदान संपन्न कराने के लिए पुलिस की 17 टीमें लगी रहीं। इनमें महिला कांस्टेबल भी रहीं। चेकिंग के दौरान मुबारकपुर में कई फर्जी मतदाता पकड़े गए हैं जिन्हें हिरासत में लिया गया।
मतदान केंद्र के बाहर आजमगढ़ के एसपी और डीएम
- फोटो : अमर उजाला
युवा तो युवा मतदान को लेकर बुजुर्ग मतदाताओं में भी काफी उत्साह देखने को मिला। जो बुजुर्ग मतदाता चलने योग्य थे वह किसी किसी के सहारे बूथों तक पहुंचे लेकिन जो बुजुर्ग मतदाता चलने-फिरने के योग्य नहीं था उसके घर के लोग उसे बाइक से बूथों तक ले गए। जिनके पास बाइक नहीं थी वह अपने घर के बुजुर्गों को गोद में उठाकर बूथों तक ले गए। मतदान के बाद उन्हें उसी तरह से घर तक भी पहुंचाया।
अधिकारियों की गाड़ियां पूरे दिन मतदान केंद्रों का भ्रमण करती रहीं। एक तरफ जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज और पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य पूरी बटालियन के साथ तो दूसरी तरफ मंडलायुक्त व आईजी अखिलेश कुमार बूथों और मतदान केंद्रों का दौरा करते रहे। कहीं से भी गड़बड़ी की सूचना मिलने पर यह अधिकारी दलबल के साथ मौके पर तत्काल पहुंचे थे।