चाहे वह पीएम आवास की बात हो या उज्जवला योजना या आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त देने की हमने हर किसी को उपलब्ध कराया। इस प्रकार मुख्यमंत्री ने लगभग 16 मिनट के अपने संबोधन में युवाओं और मुसलमानों को साधने का पूरा प्रयास किया।
बतौर मुख्यमंत्री नगर निकाय चुनाव में किसी प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने आने वाले सीएम योगी आदित्यनाथ पहले सीएम हैं। वहीं दूसरी बार सीएम रहते हुए नगर निकाय चुनाव में जनसभा को संबोधित करने जनपद पहुंचे। इसके पहले 2017 में नगर के डीएवी कॉलेज के मैदान में उन्होंने जनसभा को संबोधित किया था। भाजपा इस नगर निकाय चुनाव को कितनी गंभीरता से ले रही है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीएम ने खुद भाजपा प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी है।
वह उप्र प्रदेश के पहले सीएम हैं जो नगर निकाय चुनाव में जनसभा को संबोधित करने जनपद पहुंचे हो। यह कार्य उन्होंने 2017 के नगर निकाय चुनाव में भी किया था, जब उन्होंने भाजपा प्रत्याशी रहे अजय सिंह के पक्ष में हवा बनाने के लिए नगर के डीएवी कालेज मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। लेकिन इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को जीत नहीं मिल सकी।
वहीं एक बार फिर सीएम योगी आदित्यनाथ 2023 के नगर निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में हवा बनाने के लिए दूसरी बार जनपद पहुंचे। इस बात साफ इशारा करता है कि भाजपा नगर निकाय चुनाव को कितनी गंभीरता से ले रही है। इस चुनाव को ऐसे ही 2024 के लोकसभा चुनाव का रिहर्सल नहीं माना जा रहा है।