यूपी बोर्ड 2024 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए शासन ने आनलाइन प्रक्रिया से केंद्र निर्धारण नीति तय कर दी है। इस बार प्रश्नपत्रों को उत्तरपुस्तिकाओं से अलग रखा जाएगा। इसके लिए एक अलग कक्ष को स्ट्रांग रूम बनाया जाएगा। अनिवार्य मानक पूर्ण करने वाले विद्यालयों के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बालिकाओं को स्वकेंद्र की सुविधा मिलेगी।
बोर्ड सचिव का मानना है कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और केंद्रों की निगरानी सबसे मुख्य होती है। इस कारण बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा एवं गोपनीयता की दृष्टि से प्रधानाचार्य कक्ष से अलग कक्ष को स्ट्रांग रूम बनाना अनिवार्य कर दिया है। इसमें इस बार उत्तरपुस्तिकाएं नहीं रखी जाएंगी, जिससे किसी अन्य प्रकार की गतिविधि स्ट्रांग रूम में न हो सके। यहां डबल लाॅक युक्त अलमारी की 24 घंटे आनलाइन निगरानी की जाएगी। यह भी नई व्यवस्था की गई है कि स्ट्रांग रूम में एक अन्य अलमारी की व्यवस्था हो, जिसमें प्रथम बार प्रश्नपत्रों को निकालने के पश्चात वितरण के उपरांत अवशेष प्रश्नपत्रों को तथा बंडल स्लिप को सुरक्षित रखा जाए।
इसके अलावा जिन वित्तविहीन विद्यालयों में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट में संयुक्त रूप से बालिका परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होगी, उन्हें सभी मानक पूर्ण करने की दशा में केंद्र बनाने में प्राथमिकता दी जाएगी। संस्थागत व व्यक्तिगत बालक परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र प्रत्येक विद्यालय व अग्रसारण केंद्र से यथासंभव 12 किमी की परिधि में आने वाले विद्यालयों में निर्धारित किया जाएगा।
कोट
केंद्र पर परीक्षार्थियों की क्षमता 1200 से बढ़ाकर 1500 की गई। जिन वित्तविहीन विद्यालयों में पिछली बार 30 प्रतिशत से ज्यादा अनुपस्थिथि थी, वे केंद्र नहीं बनेंगे। प्रबंधकीय विवाद वाले विद्यालय केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। इतना ही नहीं पिछली तीन परीक्षा में जहां अनियमितता मिली, वे केंद्र नहीं बनेंगे। कई बदलाव किए गए हैं। मनोज कुमार मिश्रा, डीआईओएस आजमगढ़।