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Umesh pal Murder: हमले में गनर की मौत से आजमगढ़ में कोहराम, उमेश को बचाने के लिए ढाल बने थे संदीप

Sat, 25 Feb 2023 06:22 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

चर्चित बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल पर हुए हमले में दो गनर भी घायल हुए थे। इनमें से एक की मौत हो गई। जिस गनर की मौत हुई आजमगढ़ के बिसईपुर गांव निवासी थे। सूचना से पूरा इलाका मर्माहत है। 
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गनर संदीप निषाद के घर के बाहर जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चर्चित बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की शुक्रवार शाम गोली मार कर हत्या कर दी गई। उमेश को बचाने के प्रयास में दो गनर भी घायल हुए थे। जिसमें एक गनर की भी मौत हो गई। जिस गनर की मौत हुई वो आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के बिसईपुर गांव का निवासी था। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पूरा इलाका मर्माहत हो उठा। घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है।

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जिले के बिसईपुर गांव निवासी संदीप निषाद (28) पुलिस विभाग में कांस्टेबल थे। वर्तमान में उनकी तैनाती पुलिस लाइन प्रयागराज में थी। संदीप एक साल से विधायक राजू पाल की हत्या में गवाह रहे उमेश पाल की सुरक्षा में लगे थे। शुक्रवार को को हुए हमले में उमेश पाल की मौके पर मौत हो गई थी तो वहीं गनर संदीप निषाद ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया।

गांव में होली मनाने का किया था वादा

संदीप के परिजन प्रयागराज रवाना हुए, तो सूचना उनके अस्पताल में भर्ती होने की ही थी। इसीलिए वो भगवान से उनके सकुशल होने की गुहार लगाते पहुंचे थे। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो संदीप का शव मिला। मां, पिता, भाई सब पर पहाड़ टूट पड़ा। संदीप एक माह पूर्व अपने घर आए थे।

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पत्नी रीमा की तबीयत खराब देख उसे अपने साथ प्रयागराज ले गए थे। जाते-जाते सभी को भरोसा दिया था कि इस बार होली गांव में मनेगी। किसी को क्या पता था कि ये भरोसा कभी पूरा नहीं होगा। संदीप की शादी दो साल पहले हुई थी। वो तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे।

दुर्वासा धाम पर होगा अंतिम संस्कार

गनर संदीप निषाद के घर के बाहर महिलाओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
बड़ा भाई प्रदीप प्रयागराज में ही सिविल सर्विसेस की तैयारी कर रहा है तो छोटा भाई दीपचंद घर पर रहता है। घटना की सूचना मिलते ही शनिवार को मृतक के घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। दीपचंद ने बताया कि पिता व परिवार के अन्य लोग प्रयागराज गए हैं। वहां से शव आने पर दुर्वासा धाम पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।

47 सेकंड में वारदात, घर में घुसकर दागे बम-गोलियां

उमेश पाल हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज। - फोटो : अमर उजाला।
राजू पाल हत्याकांड के चश्मदीद उमेश पाल व उनके गनर की हत्या की वारदात महज 47 सेकेंड में अंजाम देकर हत्यारे निकल भागे। उमेश पर पहली गोली 4.56 मिनट 28 सेकेंड पर दागी गई। जबकि, 4.57 मिनट 15 सेकेंड पर बदमाश वारदात को अंजाम दे चुके थे। हमलावरों की संख्या छह थी जो एक सफेद रंग की कार व एक लाल रंग की बाइक से आए थे। घटना उमेश पाल के घर के ठीक बाहर अंजाम दी गई और घर के बाहर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई।
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फुटेज के मुताबिक, उमेश कार से जैसे ही उतरे वैसे ही उनपर गोलीबारी शुरू हो गई। उमेश को जैसे ही पहली गोली मारी गई, बाइक पर पीछे बैठकर पहुंचे बदमाश ने नीचे उतरकर बम चलाना शुरू कर दिया। पहला बम उमेश की गाड़ी पर दाहिनी ओर लगा। जिसमें उधर से उतर रहे गनर संदीप निषाद चोटिल हुए। उमेश को बचाने के लिए बढ़े तो हमलावरों ने संदीप पर बम फेंक दिया। जिससे वह जमीन पर गिरकर अचेत हो गए।
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