पत्नी रीमा की तबीयत खराब देख उसे अपने साथ प्रयागराज ले गए थे। जाते-जाते सभी को भरोसा दिया था कि इस बार होली गांव में मनेगी। किसी को क्या पता था कि ये भरोसा कभी पूरा नहीं होगा। संदीप की शादी दो साल पहले हुई थी। वो तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे।
गनर संदीप निषाद के घर के बाहर महिलाओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
बड़ा भाई प्रदीप प्रयागराज में ही सिविल सर्विसेस की तैयारी कर रहा है तो छोटा भाई दीपचंद घर पर रहता है। घटना की सूचना मिलते ही शनिवार को मृतक के घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। दीपचंद ने बताया कि पिता व परिवार के अन्य लोग प्रयागराज गए हैं। वहां से शव आने पर दुर्वासा धाम पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उमेश पाल हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज।
- फोटो : अमर उजाला।
राजू पाल हत्याकांड के चश्मदीद उमेश पाल व उनके गनर की हत्या की वारदात महज 47 सेकेंड में अंजाम देकर हत्यारे निकल भागे। उमेश पर पहली गोली 4.56 मिनट 28 सेकेंड पर दागी गई। जबकि, 4.57 मिनट 15 सेकेंड पर बदमाश वारदात को अंजाम दे चुके थे। हमलावरों की संख्या छह थी जो एक सफेद रंग की कार व एक लाल रंग की बाइक से आए थे। घटना उमेश पाल के घर के ठीक बाहर अंजाम दी गई और घर के बाहर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई।
फुटेज के मुताबिक, उमेश कार से जैसे ही उतरे वैसे ही उनपर गोलीबारी शुरू हो गई। उमेश को जैसे ही पहली गोली मारी गई, बाइक पर पीछे बैठकर पहुंचे बदमाश ने नीचे उतरकर बम चलाना शुरू कर दिया। पहला बम उमेश की गाड़ी पर दाहिनी ओर लगा। जिसमें उधर से उतर रहे गनर संदीप निषाद चोटिल हुए। उमेश को बचाने के लिए बढ़े तो हमलावरों ने संदीप पर बम फेंक दिया। जिससे वह जमीन पर गिरकर अचेत हो गए।