शहर के अनंतपुरा-गुरुटोला मुहल्ले में सिखों का पवित्र स्थान बिट्ठल घाट स्थित है। यहां गुरुद्वारे की काफी जमीन है, जिस पर वर्तमान में कब्जा है। कमिश्नर कोर्ट से सिख समुदाय के पक्ष में आर्डर हुआ है। शनिवार को सदर तहसील के नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम पैमाइश के लिए पहुंची थी तो टीम के सामने ही सिख समुदाय के लोगों व कब्जा करने वालों में भिड़ंत हो गई। इस दौरान गाली-गलौज के साथ ही हाथापाई तक की नौबत आ गई। जिस पर टीम दोनों पक्षों को थाने बुलाकर वापस लौट गई। थाने पर सिर्फ सिख पक्ष पहुंचा और उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने की कवायद चल रही है।
बिट्ठल घाट गुरुद्वारा काफी प्राचीन है। इस गुरुद्वारे के पास ही मंदिर व मस्जिद भी है। तीनाें धर्मों के लोग अपने-अपने धार्मिक स्थलाें पर विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना भी करते है। गुरुद्वारे के नाम पर यहां काफी जमीन है, जिस पर वर्तमान में कब्जा है। मामला कमिश्नर कोर्ट तक गया। लगभग 15 से 20 साल पूर्व तत्कालीन मंडलायुक्त गुरुदीप सिंह ने सिखों के पक्ष में फैसला सुना दिया था। तब से सिख समुदाय अपनी जमीन पर कब्जे को लेकर प्रयासरत है। कमिश्नर कोर्ट के आदेश के क्रम में सदर तहसील की टीम शनिवार को मौके पर सिख समुदाय को कब्जा दिलाने व पैमाइश करने पहुंची। टीम के सामने ही सिख समुदाय के लोगों व दूसरे पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। गाली गलौज के बीच नौबत मारपीट तक आ गई। इसके चलते टीम दोनों पक्षों को कोतवाली बुला कर मौके से बैरंग वापस लौट गई। कोतवाली पर सिख समुदाय का पक्ष ही पहुंचा और अपने आर्डर के कागजात आदि दिखाए। इसके साथ ही सिख समुदाय की तरफ से दूसरे पक्ष के लोगों के खिलाफ तहरीर भी दी गई। जिस पर शहर कोतवाली पुलिस मुकदमा दर्ज करने की कवायद में जुटी है।
मामला भूमि विवाद का है। एक पक्ष सिख समुदाय का है तो दूसरा वहां के स्थानीय लोगों का है। तहसील की टीम पैमाइश के लिए पहुंची थी तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया तो सिर्फ सिख समुदाय के लोग ही आए। इनके कागज आदि देखने पर पक्ष में आर्डर मिला। इसके बाद इस पक्ष की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। - शशिमौली पांडेय, एसएचओ कोतवाली।