आजमगढ़। बिलरियागंज के इंटर कालेज में इंटरमीडिएट व्यक्तिगत परीक्षा शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी। जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो गया। अमर उजाला ने तीन अगस्त को पेज दो पर ‘परीक्षा फार्म के नाम पर अवैध वसूली करते वीडियो वायरल’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिसे संज्ञान में लेते हुए डीआईओएस ने इस मामले में प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण मांगा लेकिन वह संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सकीं। जिसे लेकर डीआईओएस ने दो सदस्यी टीम गठित कर जांच शुरू करा दी है। रानी की सराय निवासी संदीप विश्वकर्मा ने बिलरियागंज के एक राजकीय बालिका इंटर कालेज में एक अगस्त को प्राविधिकला विषय से इंटरमीडिएट व्यक्तिगत परीक्षा का फार्म जमा करने गए थे। जिसका शुल्क बोर्ड द्वारा प्रति विषय 206 रुपये व्यक्तिगत परीक्षा शुल्क निर्धारित है। बावजूद इसके विद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा 700 से लेकर 800 रुपये तक की वसूली की जा रही थी। आरोप था कि यह कार्य प्रभारी प्रधानाचार्य की मिलीभगत से हो रहा है। इतना ही नहीं आरोप था कि 700 रुपये परीक्षा शुल्क इनके प्राइवेट चालक एवं विद्यालय में कार्यरत परिचारक के माध्यम से लिया जाता है। करीब तीन गुना प्रत्येक विषय पर वह अवैध वसूली कर रहे जिसका कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है। जिला विद्यायक निरीक्षक उमेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण मांगा गया था लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। दो सदस्यी टीम गठित कर मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। जहां तक रही बात प्रधानाचार्य की तैनाती की तो यदि वह अधिक समय से वहां तैनात हैं तो उनका भी नाम स्थानांतरण की सूची में शामिल किया जाएगा।