आजमगढ़। अतरौलिया थाना में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-1 के न्यायाधीश अमर सिंह की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया। साथ ही जेल में बिताई अवधि यानी 6 वर्ष 8 माह के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया। वहीं महराजगंज थाना में दर्ज एक अन्य मामले में अवैध शस्त्र रखने के आरोपी को भी अदालत ने दोषी करार देते हुए जेल में बिताई गई अवधि के कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। थाना अतरौलिया के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने 22 जून 2019 को लिखित तहरीर दी थी। बताया कि अरविंद निवासी फुलवारी थाना जैतपुर अंबेडकरनगर और रामबरन निवासी हरदेया देवडीह बसरिका थाना अतरौलिया ने संगठित गिरोह बनाकर अपराध किए। यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसमें आठ लोगों की गवाही हुई। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-1 के न्यायाधीश अमर सिंह ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध पाते हुए सजा सुनाई। वहीं महराजगंज थाना में दर्ज एक अन्य मामले में अवैध शस्त्र रखने के आरोपी को भी अदालत ने दोषी करार दिया है। इस मामले में 11 सितंबर 2001 को महगू नोना पुत्र बाल किशुन निवासी कोलमोदीपुर ने तहरीर देकर बताया था कि दीनानाथ पांडेय उर्फ मंटू निवासी ससना विश्वनाथपुर थाना महराजगंज के कब्जे से एक कट्टा बरामद हुआ था। इस मामले में थाना महराजगंज में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सुनवाई के दौरान आरोपी के जुर्म स्वीकार करने पर सोमवार को एसीजेएम-11 के न्यायाधीश अंकित वर्मा की अदालत ने उसे दोषी मानते हुए जेल में बिताई गई अवधि के कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।